शुक्रवार, 21 जुलाई 2023

आदमी की कीमत


बादशाह तैमूर लंग की क्रुरता से उसकी प्रजा बहुत परेशान थी उसने ना जाने कितने देश को कुचल डाला था। 

ना जाने कितने घर उजाड़ दिए थे। एक बार उसके सामने बंदियों को लाया गया। उन बंदियों में तुर्किस्तान के मशहूर कवि अहमद भी थे 

अहमद को देख कर तैमूर ने दो गुलामो की और इशारा करते हुए कहा, "मने सुना है कवि बहुत पारखी होते हैं। अगर ऐसा है तो बताओ इन दोनो गुलामो की क्या कीमत होगी"

अहमद कुछ देर चुप रहने के बाद बोले, इन दोनों में से कोई भी 400 अशर्फियों से कम का नहीं है

यह सुनने के बाद तैमूर बहुत हैरान हो गया।

उसने तत्काल ये सवाल किया...अच्छा ये बताओ कि मेरी क्या कीमत होगी उसको लगा कि अहमद या तो डर के कारण चुप हो गए हैं या उसकी अधिक से अधिक कीमत के लिए सोच रहे हैं।

अहमद स्पष्टवादी थे. उसने जवाब दिया, ''की बादशाह आपकी कीमत सिर्फ 24, अशर्फिया है।

ये सुनते ही तैमूर गुस्से में बोला, "तुम क्या बकवास बोल रहे हो?

इतनी कीमत तो मेरे जूते का है।”

अहमद ने कहा, जी हां, मने आपके जूते की कीमत बताई है।

तैमूर लंग ने कहा, इसका मतलब मेरी कोई कीमत नहीं है।

अहमद ने कहा जी नहीं जिसकी शख्सियत में दया ना हो, कोई उसे इंसान कैसे मान सकता है, आपसे अच्छे तो ये गुलाम हैं कम से कम किसी के काम तो आते हैं

अहमद के ऐसे शब्द सुन कर तैमूर हैरान और शर्मिंदा हुआ कि क्यों कर उसने अहमद जसे दलेर और पारखी कवि से संवाद किया, इस प्रकरण के बाद तैमूर ने अहमद कवि से कोई संवाद नहीं किया या उन्हें नुकसान नहीं पहुंचाया।





गुरुवार, 20 जुलाई 2023

गुरु जी के अनुभव

 दोस्तो नमस्ते, एक बार फिर से आपका स्वागत है मेरे ब्लॉग में...



आज हम गुरु जी के अनुभव आपको बताएंगे! हमारे देश में बहुत से ऋषि मुनि हुए हैं जिन्होने समय समय पर लोगो के दुख तकलीफ का निवारण , अपनी  शक्तियो के द्वारा किया है
गुरु जी भी एक ऐसे ही दिव्य पुरुष थे जो समान रूप से लोगो का कल्याण करते थे  

आज मैं दिल्ली के रहने वाले दिलीप सिंह  के स्वयं सिद्ध अनुभव को आपके साथ साझा कर रहा हूं

दिलीप सिंह जनकपुरी दिल्ली के एक साधरण परिवार में रहते हैं उनका कहना है कि मैं किसी भी गुरु या बाबा को नहीं मानता था परन्तु एक बार घर वालो के साथ मुझे बड़े मंदिर जाने का सौभाग्य मिला !
गुरु जी वहा पर संतरी लिबास में विराजमान थे 

मैंने भी वहा जाने पर उनको प्रणाम किया और अपनी तकलीफ दिल में कही भी और अरदास की !...
और उसके बाद में संगत में जा कर वैठ गया !

थोड़ी देर के बाद मुझे गुरु जी ने अपने पास बुलाया और कहा की क्या काम करते हो तो मैंने कहा की एसी रिपेयर की दुकान है तो कहते की इसकी एसी मरम्मत की दुकान है पर काम नहीं है मुझे ये बात अच्छी नहीं लगी की गुरु जी ने मेरा अपमान कर दिया ! पर क्या कर सकता था और ये बात सच भी थी तो  मैंने कहा हांजी गुरु जी काम नहीं है जी  बिलकुल  भी..


मेरे ऐसा कहने पर वो बोले कोई बात नहीं ,7 गुरुबार यहाँ आना सब अच्छा होगा उसके बाद मैं और मेरी पत्नी घर आ गए ! पहला गुरुबार आया  मैंने कुछ रुपये निकाले की गुरु जी के मंदिर जाना है स्कूटर में पेट्रोल डलवाने तक के पेसे नहीं होते थे मेरे पास उन दिनो..खैर जैसे तेसे एक गुरुबार हुआ

अब दुसरा गुरुवार आया ,भाई से बाइक मांगी भाई ने कहा कोई बात नहीं ले जा...अगले गुरुबार को फिर वही दिक्कत...की गुरु जी के जाना है पर जाऊ केसे ! मैं अपनी गली में सर पर हाथ रख के बेटा हुआ था की मेरा पड़ौसी आया और बोला की क्या हुआ मैंने कहा की गुरु जी के जाना है पर जाऊ केसे पैसे नहीं है मेरे पास...उसने  कहा कोई बात नहीं मेरी बाइक खड़ी है इसे ले जा 
 
ऐसे ऐसे कर के  मैंने 6 गुरुबार पूर्ण कर लिए जिस दिन छटा गुरुबार था उस दिन फिर से मुझे फिर से गुरु जी ने बुलाया और कहा की सब ठीक है मैंने कहा की गुरु जी मेहर करो गुरु जी बोले कोई नहीं अभी 7बा गुरुबार रहता है सब अच्छा होगा मैं चुप रहा और प्रणाम कर के घर बापिस आ गया..घर पहूँचा ही था की मुझे इंटरव्यू की कॉल आ गई!मेरी एसी रिपेयर की शॉप है पर वैसे मैंने डिप्लोमा किया था मैकेनिकल में..अगले दिन मैं तैयार हो कर इंटरव्यू में गया मेरा सिलेक्शन हो गया  मैं बहुत खुश था ! ऑफर लेटर मिला और   मुझे अगले गुरुबार को जॉब ज्वाइन करना था मैंने अपने मन में गुरु जी का बार बार शुक्राना किया एक बात जो मुझे पूरी तरह से  आश्चर्य चकित कर रही थी की दस लड़कों में सिर्फ मेरा चयन हुआ केसे मुझे नहीं पता ,पर यकिनन ये सब गुरु जी की मैहर थी अगले गुरुबार को मैं समय पर कंपनी मे पंहुच गया और जॉब ज्वाइन कर ली !

जॉब ज्वाइन करते ही  मुझे  मेरे बॉस ने एक परची दी और कहा की ये पेट्रोल की पर्ची है अपनी बाइक की टंकी फुल करबा लो पेमेंट ऑफिस से हो जाएगी !आप यकिन मनिये संगत जी ,मेरी आंखो में आंसु आ गए की जिस पेट्रोल के लिए में लोगो से बाइक मांगता था की मुझे गुरु जी के पास जाना है  गुरु जी ने सबसे पहले मेरी पेट्रोल की समस्या दूर की...जय गुरु जी की, शुक्राना गुरु जी, गुरु जी सब कुछ जानते हैं वो कहते हैं ना, की बिन बोले सब कुछ जानते हैं !

मेरी एक और समस्या थी पाइल्स की वैसे तो बहुत से लोगो को ये समस्या होती है पर इसका दर्द वही समझ सकता है जो समस्या से जुझ रहा हो बहुत तकलीफ में था मैं..मेरी पत्नी ने कहा आप गुरु जी को अरदास करो वही एक है जो सब ठीक करेंगे !मैने गुरु जी को अरदास करी ! अगली बार फिर से गुरु जी के पास गए क्यों की गुरु जी का शुक्राना भी तो करना था बड़े मंदिर   पहुचते ही गुरु जी ने कहा क्यों लग गई नौकरी मैंने कहा जी गुरु जी तो, मुझे कहते हैं आते रहना यहाँ पर..मैंने और मेरी पत्नी ने लंगर किया और अभी लंगर हाल में ही मौजुद थे की इतने में एक अंकल आए और बोले ये लो आपका परशादा ,खा लिजिये मैंने कहा मैंने लंगर कर लिया है अंकल ...तो कहते हैं गुरु जी ने आपके लिए भेजा है आपका आशीर्वाद है..लीजिये ,मैने परशादा ले लिया ! 

परशादे में दो रोटी और लाल मिर्चो की चटनी थी !अब  मैं क्या करू.. मुझे तो बवासीर थी और बवासीर वाले आदमी के लिए मिर्च जहर की तरह होती है फिर भी मैं खा गया..थोड़ी देर के बाद मेरी पत्नी आई तो मैंने उसे बताया की ऐसे मैंने मिर्ची वाला परशादा खा लिया वो बोली आपने खा लिया ,मैंने बोला हा खा लिया गुरु जी ने भेजा था तो ना कैसे करता..वो कहती अब..मैंने कहा चल अब देखते हैं..संगत जी मेरा घर बड़े मंदिर से 30 - 32 किमी दूर है

  मैं ये सोच रहा था की अब बाइक केसे चला सकुंगा ! अच्छा जी, मैं अपने घर  पहुच  गया कोई समस्या नहीं हुई ! रात में सो गया अगला दिन आ गया कोई समस्या नहीं..

मुझे डॉक्टर ने पाइल्स का ऑपरेशन बताया था , सो मुझे उसके पास जाना ही था, तो मैं उसके पास गया डॉक्टर ने चेक किया और कहा बहुत अच्छा..आपकी समस्या अब नहीं है ऑपरेशन करबाने की जरूरत नहीं है..देखा मेरी दवा का कमाल..मैंने कहा हांजी डॉक्टर साहब , पर मुझे तो पता था की असली डॉक्टर कौन है..ऐसे है गुरु जी, उनके कृपा करने के तरीके बहुत हैं वैसे भी जब गुरु जी भौतिक रूप में थे तो कहा करते थे कि क्यों कर दी मैंने डॉक्टर की डॉक्टरी फेल..

ऐसी जाने कितनी कृपा गुरु जी ने हमारे परिवार पर की है ,ऐसे ही वो हम सब पर अपनी मेहर  बनाये  रखे !

गुरुवार, 20 जनवरी 2022

चीकू स्वाद के साथ ही सेहत का भी खजाना

 हैलो दोस्तो, आज हम बात करेंगे एक वेहतरीन फल की जो ना केवल खाने में अच्छा है , वल्कि उसके बहुत फायदे भी है


इस फल का नाम चीकू है आईये जाने इसके फायदो के बारे में
चीकू स्वाद के साथ साथ ही सेहत का भी खजाना है सेहत की कई चीजों को अपने में स्म्माहित किये हुआ है इसको खाने से शरीर की अनेक समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है इसमे मिनरल्स फाइबर विटामिन पाए जाते हैं जो जो शरीर को कई समस्याओं से लड़ने में मदद करता है इसमे विटामिन ए, सी ,एंटी वायरल,और सूजनको कम करने के गुण पाए जाते हैं
चीकू अंदर के भाग अलावा बाहरी खाल और पत्ते खांसी और जुकाम में लाभदायी होते हैं इसमे पोटेशियम, सोडियम, कॉपर, आयरन, मैग्नेशियम भी भरपुर मात्रा में पाया जाता हैचीकू में कैलोरी बहुत होती है इसलिय वजन कम करने वालों को इस से परहेज करना चाहिये

1)चीकू के फल के बीज को पिस कर खाने से गुरदे की पथरी पेशाब के साथ निकल जाती है,साथ ही ये गुरदे के रोगो से बचाती है

2)ये फल दिमाग को शांत रखने और तनाब को कम करने में मदद करता है

3)कब्ज से राहत पाने के लिए चीकू खाना अच्छा उपाय है, इसमे पाया जाने वाला फाइबर कब्ज से राहत देता है

4)अगर आप अपनी हड्डियों को मजबूत बनाना चाहते हैं तो आज से ही शुरू कर दें इस फल का सेवन, लोहा और फास्फोरस भरपुर मात्रा में होता है

5)चीकू में ग्लूकोस पाया जाता है जो शरीर को तूरंत एनर्जी देने का काम करता है जो लोग रोज व्यायाम करते हैं उन्हे एनर्जी की ज्यादा चाहिए होती है,इसलिए इन लोगों को रोजाना चीकू खाना चाहिए

6)चीकू में प्रचुर मात्रा में विटामिन ए होता है और यह आँखों को स्वस्थ बनाने में मदद करता है

7)चीकू में प्रचुर मात्रा में विटामिन ए और बी होता है जो कैंसर की बीमारियों से बचाता है इसमें एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर और अन्य पोषक तत्व होते हैं
8)चीकू में बहुत प्रचुर मात्रा में लेटेक्स होता है जो दांतों की कैविटी को भरने के काम आता है
9)चीकू सरदी और खासी के लिए भी राम बाण उपाय है और यह पुरानी खांसी को ठीक करता है

10)चीकू में कई एंटी बैक्ट्रियल, एंटी पर्सिटिक और एंटी वायरल गुण होते हैं जो बैक्ट्रिया को शरीर में आने से रोकते हैं।

मुझे आशा है कि आप लोगों को चीकू फल के बारे में उपरोक्त सभी जानकारी पसंद आएगी, इन शब्दों के साथ मैं अपना आज का लेख बंद करना चाहुंगा
इस कोरोना काल में सुरक्षित रहें

धन्यवाद



रविवार, 25 जुलाई 2021

माँ मेहलो वाली (काली माता)

 दोस्तो नमस्ते, एक बार फिर से आपका स्वागत है मेरे ब्लॉग में...

आज हम  आपको बताएंगे! माता महलो वाली के बारे में....

 माता महलो वाली का प्रकट होना

जैसे की कहा जाता है की ऊपर वाले के रंग बड़े निराले होते हैं कुछ भी उसकी मर्जी के बिना नहीं होतातो ये बात है साल 1990 की जब माता रानी का इस कस्बे में आगमन हुआ...वास्तव में आज जिस स्थान पर ये मंदिर है वही पर साथ में ही एक प्राइमरी स्कूल है,और साथ में एक किला भी है ये किला रानी ज्वाला का था..जिनके नाम पर इस कस्बे (ज्वाली) का नाम रखा गयाउस स्कूल की एक वरिष्ठ  शिक्षक को सपना आया की मेरे आगमन का समय गया है 

सपनों में दिव्या शक्ति ने खुद बताया की वो को से कक्ष  (स्थान) में मोजुद हैं..माता ने स्वप्न में उन शिक्षक को बताया कि की मैं मिट्टी के धेर में दबी हुई हूँ!मुझे बाहर निकालो..और स्थापना करो

उत्सकता वश वरिष्ठ शिक्षक ने अकेले किले

 के अंदर जाने की हिम्मत दिखायी!और माता जी मूर्ति और उनके प्रतीक को बाहर ले कर आई!

 चुनौतियां

माता की मूर्ति के बाहर आने के बाद स्थापना करना इतना आसान नहीं थाकिले के वंशजो ने एकाएक किले पर और किले से मिली सारी ऐतिहासिक चीजो पर अधिकार बता दिया

काफ़ी समस्याओं के बाद मंदिर में माता जी की स्थापना हुई

 चोर का क़बुलनामा

 हाल ही में मदिर में चोरी की घटना हुई लॉकडाउन का फ़ायदा उठा कर चोर माता जी की मूर्ति, उन पर चढ़े हुए आभूषण  ले कर चले गए!सुबेह होते ही जैसे इस बारदात का पता चला ! पुलिस मे रिपोर्ट दरज करबाई गई लेकिन चोरो का पता नहीं चल सका..लगभग 1 सप्ताह के बाद क़स्बे के शिव मूर्ति चोंक पर चोरो द्वारा मूर्ति को बापिस रख दिया गया ,गहनों के साथ और साथ में एक पत्र भी था जिसमे लिखा था की हमसे भूल हुई है माता जी बहुत बड़ी शक्ति है! हमारी गलती माफ करना


 माता की असली मूर्ति






 मान्यता

 इस मंदिर के बारे में ये मान्यता है की जो भी यहां पर लगातार 5 मंगलवार जाता है उसकी समस्या दूर होती है और इच्छा पूरी होती है ये मंदिर मूल रूप से माँकाली को समर्पित है

 वार्षिक उत्सव

 मई के महीने में यह एक बड़ा भंडारा भी आयोजित किया जाता हैजिसमे दूर देश से लोग भाग लेते हैं और मंदिर में अपनी हाजरी लगाते हैं पिछले 2 साल से कोई बड़ा कार्यक्रम नहीं किया गया है  कोरोना  महामारी के चलते..

आशा है आने वाले समय में स्थिति सामान्य हो जाएगी और फिर से दुनिया खिलखायगी..इन शब्दों के साथ मैं अपनी पोस्ट समाप्त करूँगा आशा है आपको यह पसंद आएगी..जय माता दी

बहुत - बहुत धन्यवाद

सोमवार, 5 जुलाई 2021

गुरु जी का बड़ा मंदिर - एक ऐसा मंदिर जहां पर न पुजारी है ना, न धूप बाती !






हेलो, दोस्तों आज हम बात करेंगे  एक ऐसे विषय के बारे  में जिसके बारे में पढ़ने पर आपको निश्चित ही ख़ुशी होगी आज हम बात करेंगे दुगरी वाले गुरु जी के बारे में !
गुरु जी का  नाम परिचय किसी का मोहताज नहीं है... अपने जीवन में समाज की सेवा का  बेडा जो उन्होने पंजाब के जालंधर के दुगरी से शुरू किया ! वे समय के साथ राजधानी दिल्ली में भी समय के साथ आगे बढ़ा
दिल्ली के छतरपुर से कुछ 11 किमी की दूर पर गुरु जी का बड़ा मंदिर है इस मंदिर की अलौकिक छटा अपने आप में मोहक है ऐसा माना जाता है की कोई भी बिना इस दिव्य शक्ति की मर्जी के मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकता मंदिर में जाने के लिए आप की सच्ची श्रद्धा होनी चाहिए जिस से आप खुद ही गुरु जी को अनुभव कर सके ऐसा माना जाता है की पूर्ण विश्वास के साथ अपनी अरदास ले कर जाने पर
सफलता जरूर मिलती है. गुरु जी कहा भी करते थे की पूर्ण विश्वास करो अरदास पूरी होगी और अगर समय अधिक लग रहा है तो भी आपका ही हित होगा बड़े मंदिर में समस्त भारत से लोग दर्शन के लिए आते हैंऔर अपनी इच्छा पूरी कर के धन्य हो जाते हैं

सावधानिया:-

(1) मंदिर में बताए गए नियमो का पालन अवश्य करे
(2) मोबाइल फोन का प्रयोग मंदिर में ना करे

(3) मंदिर में दिए गए प्रसाद का वही सेवन करे

(4) सेवा में लगे अंकल आंटी का सहयोग करे

(5)किसी तरह की मिठाई न चढाये 
 
मंदिर दर्शन :-

मंदिर में अंदर आते ही प्रथम पूज्य गणपति जी के दर्शन होते हैं गणपति जी के दर्शन के कुछ कदम पर गुरु जी का वो दिव्य स्थल है जहां पर गुरु जी ने  काफ़ी सालो तक तपस्या की समाज कल्याण के लिए!
दर्शनों की लाइन में जैसे जैसे आप आगे चलते हैं 
एक दिव्य अनुभूति और गुलाबो की खुशबू आपको एहसास होता है कि आप दिव्य और परमशक्ति के और करीब आ गए हैं
गुरु जी के समाधि स्थल की परिक्रमा   करे और अपनी अरदास करे उसके पश्चात मुख्य हॉल में आ कर गुरु जी के दिए हुए दिव्य मंत्र का जाप करे

 


दिव्य मंत्र

ओम नम शिवाय,शिवजी सदा सहाय
ओम नम शिवाय,गुरु जी सदा सहाय

10  मिनट जप करने के बाद में माथा टेकने के लिए गुरु जी के संमुख जाए गुरु जी के वस्त्र के दर्शन के बाद में लंगर हॉल की तरफ जाए लंगर ग्रहण करे और पूरी श्रद्धा से शुक्राना करे उस दिव्य शक्ति का !

जय गुरु जी
 मैं आशा करता हूं की आपको ये गुरु जी से संबधित लेख अच्छा लगेगा और आप घर से ही बड़े मंदिर के दर्शन कर लिए होंगे..

मैं भविष्य में भी आपके लिए कुछ अलग , कुछ रोचक लेख लेकर आता रहूंगा !

धन्यबाद

मोक्ष स्थली गया जी

 सनातन धर्म में ये मान्यता है कि श्राद्ध पक्ष में पित्रों के लिए किया गया पिंड दान और तर्पण पित्रों को संतुष्टि मिलती है और इस से पितृ के सा...