हेलो, दोस्तों आज हम बात करेंगे एक ऐसे विषय के बारे में जिसके बारे में पढ़ने पर आपको निश्चित ही ख़ुशी होगी आज हम बात करेंगे दुगरी वाले गुरु जी के बारे में !
गुरु जी का नाम परिचय किसी का मोहताज नहीं है... अपने जीवन में समाज की सेवा का बेडा जो उन्होने पंजाब के जालंधर के दुगरी से शुरू किया ! वे समय के साथ राजधानी दिल्ली में भी समय के साथ आगे बढ़ा
दिल्ली के छतरपुर से कुछ 11 किमी की दूर पर गुरु जी का बड़ा मंदिर है इस मंदिर की अलौकिक छटा अपने आप में मोहक है ऐसा माना जाता है की कोई भी बिना इस दिव्य शक्ति की मर्जी के मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकता मंदिर में जाने के लिए आप की सच्ची श्रद्धा होनी चाहिए जिस से आप खुद ही गुरु जी को अनुभव कर सके ऐसा माना जाता है की पूर्ण विश्वास के साथ अपनी अरदास ले कर जाने पर
सफलता जरूर मिलती है. गुरु जी कहा भी करते थे की पूर्ण विश्वास करो अरदास पूरी होगी और अगर समय अधिक लग रहा है तो भी आपका ही हित होगा बड़े मंदिर में समस्त भारत से लोग दर्शन के लिए आते हैंऔर अपनी इच्छा पूरी कर के धन्य हो जाते हैं
सावधानिया:-
(1) मंदिर में बताए गए नियमो का पालन अवश्य करे
(2) मोबाइल फोन का प्रयोग मंदिर में ना करे
(3) मंदिर में दिए गए प्रसाद का वही सेवन करे
(4) सेवा में लगे अंकल आंटी का सहयोग करे
(5)किसी तरह की मिठाई न चढाये
मंदिर दर्शन :-
मंदिर में अंदर आते ही प्रथम पूज्य गणपति जी के दर्शन होते हैं गणपति जी के दर्शन के कुछ कदम पर गुरु जी का वो दिव्य स्थल है जहां पर गुरु जी ने काफ़ी सालो तक तपस्या की समाज कल्याण के लिए!
दर्शनों की लाइन में जैसे जैसे आप आगे चलते हैं
एक दिव्य अनुभूति और गुलाबो की खुशबू आपको एहसास होता है कि आप दिव्य और परमशक्ति के और करीब आ गए हैं
गुरु जी के समाधि स्थल की परिक्रमा करे और अपनी अरदास करे उसके पश्चात मुख्य हॉल में आ कर गुरु जी के दिए हुए दिव्य मंत्र का जाप करे

दिव्य मंत्र
ओम नम शिवाय,शिवजी सदा सहाय
ओम नम शिवाय,गुरु जी सदा सहाय
10 मिनट जप करने के बाद में माथा टेकने के लिए गुरु जी के संमुख जाए गुरु जी के वस्त्र के दर्शन के बाद में लंगर हॉल की तरफ जाए लंगर ग्रहण करे और पूरी श्रद्धा से शुक्राना करे उस दिव्य शक्ति का !
जय गुरु जी
मैं आशा करता हूं की आपको ये गुरु जी से संबधित लेख अच्छा लगेगा और आप घर से ही बड़े मंदिर के दर्शन कर लिए होंगे..
मैं भविष्य में भी आपके लिए कुछ अलग , कुछ रोचक लेख लेकर आता रहूंगा !
धन्यबाद
Jai Guru Ji...Bhut Achi aur sachi Jankari
जवाब देंहटाएंJai Guru Ji...
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