रविवार, 25 जुलाई 2021

माँ मेहलो वाली (काली माता)

 दोस्तो नमस्ते, एक बार फिर से आपका स्वागत है मेरे ब्लॉग में...

आज हम  आपको बताएंगे! माता महलो वाली के बारे में....

 माता महलो वाली का प्रकट होना

जैसे की कहा जाता है की ऊपर वाले के रंग बड़े निराले होते हैं कुछ भी उसकी मर्जी के बिना नहीं होतातो ये बात है साल 1990 की जब माता रानी का इस कस्बे में आगमन हुआ...वास्तव में आज जिस स्थान पर ये मंदिर है वही पर साथ में ही एक प्राइमरी स्कूल है,और साथ में एक किला भी है ये किला रानी ज्वाला का था..जिनके नाम पर इस कस्बे (ज्वाली) का नाम रखा गयाउस स्कूल की एक वरिष्ठ  शिक्षक को सपना आया की मेरे आगमन का समय गया है 

सपनों में दिव्या शक्ति ने खुद बताया की वो को से कक्ष  (स्थान) में मोजुद हैं..माता ने स्वप्न में उन शिक्षक को बताया कि की मैं मिट्टी के धेर में दबी हुई हूँ!मुझे बाहर निकालो..और स्थापना करो

उत्सकता वश वरिष्ठ शिक्षक ने अकेले किले

 के अंदर जाने की हिम्मत दिखायी!और माता जी मूर्ति और उनके प्रतीक को बाहर ले कर आई!

 चुनौतियां

माता की मूर्ति के बाहर आने के बाद स्थापना करना इतना आसान नहीं थाकिले के वंशजो ने एकाएक किले पर और किले से मिली सारी ऐतिहासिक चीजो पर अधिकार बता दिया

काफ़ी समस्याओं के बाद मंदिर में माता जी की स्थापना हुई

 चोर का क़बुलनामा

 हाल ही में मदिर में चोरी की घटना हुई लॉकडाउन का फ़ायदा उठा कर चोर माता जी की मूर्ति, उन पर चढ़े हुए आभूषण  ले कर चले गए!सुबेह होते ही जैसे इस बारदात का पता चला ! पुलिस मे रिपोर्ट दरज करबाई गई लेकिन चोरो का पता नहीं चल सका..लगभग 1 सप्ताह के बाद क़स्बे के शिव मूर्ति चोंक पर चोरो द्वारा मूर्ति को बापिस रख दिया गया ,गहनों के साथ और साथ में एक पत्र भी था जिसमे लिखा था की हमसे भूल हुई है माता जी बहुत बड़ी शक्ति है! हमारी गलती माफ करना


 माता की असली मूर्ति






 मान्यता

 इस मंदिर के बारे में ये मान्यता है की जो भी यहां पर लगातार 5 मंगलवार जाता है उसकी समस्या दूर होती है और इच्छा पूरी होती है ये मंदिर मूल रूप से माँकाली को समर्पित है

 वार्षिक उत्सव

 मई के महीने में यह एक बड़ा भंडारा भी आयोजित किया जाता हैजिसमे दूर देश से लोग भाग लेते हैं और मंदिर में अपनी हाजरी लगाते हैं पिछले 2 साल से कोई बड़ा कार्यक्रम नहीं किया गया है  कोरोना  महामारी के चलते..

आशा है आने वाले समय में स्थिति सामान्य हो जाएगी और फिर से दुनिया खिलखायगी..इन शब्दों के साथ मैं अपनी पोस्ट समाप्त करूँगा आशा है आपको यह पसंद आएगी..जय माता दी

बहुत - बहुत धन्यवाद

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