बुधवार, 30 अगस्त 2023

किस्मत चमकाने के उपाय


लग्न कुंडली मे नवे भाव का स्वामी भाग्येश कहलाता है। भाग्येश के अनुकूल न होने के कारण जीवन में दुरूह परिस्थितियों से दो चार होना पडता है। अक्सर लोग कोई कार्य करते है, परंतु सफलता नहीं मिलती। हम कड़ी मेहनत करते हैं। परंतु परिणाम नुकसानदायक आता है। यह भाग्य की कमजोरी से होता है। भाग्य कमजोर होने पर सारे प्रयास विफल हो जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जन्म कुण्डली का नवम भाव भाग्य का होता है। यह स्थान यदि दूषित हो तो जातक भाग्यहीन होता है। नवम स्थान पर यदि चंद्र हो या उसकी दृष्टि हो तो भाग्य प्रबल होता है। वहीं राहु, मंगल, शनि यदि शत्रु राशि युक्त या नीच के हो तो जातक भाग्यहीनता से परेशान हो जाता है। उसको जरा जरा से काम में अड़चने आती हैं। सूर्य, शुक्र, बुध भाग्य स्थान पर सौभाग्यवती नारी दिलाते हैं। जो व्यक्ति के भाग्य को चमोत्कर्ष कर देती है। भाग्य स्थान पर गुरु मान सम्मान वैभव दिलाता है। वह व्यक्ति शुरू से ही अपने भाग्य के दम पर पूरे घर को तार देता है। केतु भाग्य स्थान पर सामान्य फल देने वाला होता है।


यदि बुध भाग्येश होकर अच्छा फल देने में असमर्थ हो तो निम्न उपाय करने चाहिए।


1. तांबे का कड़ा हाथ में धारण करें।


2. गणेश जी की उपासना करें।


3. गाय को हरा चारा खिलाएं।


यदि शुक्र भाग्येश होकर फलदायक न हो तो निम्न उपाय करने चाहिए।


1. स्फटिक की माला से क्क शुं शुक्राय नमः की एक माला का जप करें।


2. शुक्रवार को चावल का दान करें।


3. लक्ष्मी जी की उपासना करें।


भाग्येश चंद्र को अनुकूल करने के लिए निम्नलिखित उपाय करें।


1.ऊँ श्रां: श्रीं: श्रौं: सः चंद्रमसे नमः का जप करें।


2. चांदी के गिलास में जल पिएं।


3. शिव जी की उपासना करें।


यदि गुरु के कारण भाग्य साथ न दे रहा हो तो निम्नलिखित उपाय करें।


1. विष्णु जी की आराधना करें।


2. गाय को आलू में हल्दी लगा कर खिलाएं।


3. गुरुवार को पीली वस्तुओं का दान करें।


भाग्येश शनि को मजबूत करने के लिए निम्न उपाय करें।


1. काले वस्त्रों तथा नीले वस्त्रों को यथा संभव न पहनें।


2. शनिवार को पीपल के वृक्ष के नीचे दिया जलाएं।


3. शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें।


भाग्येश मंगल को अनुकूल करने के लिए निम्न उपाय करें।


1. मजदूरों को मंगलवार को मिठाई खिलाएं।


2. लाल मसूर का दान करें।


3. मंगलवार को सुंदर कांड का पाठ करें।


भाग्येश सूर्य को प्रबल करने के लिए निम्न उपाय करें।


1. गायत्री मंत्र का जप करें।


2. सूर्य को नियमित जल दें।


3. ''ऊँ खोल्काय नमः'' मंत्र का जप करें।


भाग्य को बदलने में केवल ईश्वर ही सक्षम है। अत: अपने अपने इष्टदेव का रोजाना पूजन, अर्चन, अराधना करते रहें।

सोमवार, 28 अगस्त 2023

भगवान कृष्ण का साक्षात चमत्कार


 ये बात आज से करीब 12 साल पहले की है। जब मैं मथुरा के एक कॉलेज से अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी कर रहा था। मेरा कॉलेज मथुरा शहर के बीचोंबीच था और मेरे कॉलेज के पास ही श्री कृष्ण जन्मस्थान मंदिर भी था। वैसे तो बचपन से ही मेरी श्रद्धा श्री कृष्ण के प्रति थी पर उस समय मेरी भक्ति पूरे उफान पर थी।


मैं अपने कॉलेज के पास ही कमरा लेकर किराए पर रहा करता था शायद इसलिए क्योंकि मुझे वह हॉस्टल का माहौल ज्यादा पसंद नहीं आया था।


पर क्योंकि अब मैं पहली बार अपने घर से दूर मथुरा में अपनी पढ़ाई के लिए रह रहा था तो यकीनन मुझे अकेलापन महसूस होता था और उस अकेलेपन को दूर करने के लिए मैं रोज शाम को श्री कृष्णा जन्मभूमि मंदिर, भगवान के दर्शन करने पैदल ही जाया करता था।

क्योंकि श्री कृष्ण का जन्म स्थान मंदिर विश्व प्रसिद्ध है और पूरे भारत और विदेश से भी लोग वहां आते हैं। कृष्ण भक्तों के लिए वहां एकदम अनुपम वातावरण होता है और वहां जाकर मेरा बहुत मन लगता था। समय कैसे बीत जाया करता था पता ही नहीं चलता था। इस कारण कई बार मुझे लौटेने में काफी देर हो जाया करती थी। या कहूँ कि रात भी हो जाया करती थी।


यूं तो मेरा कमरा मंदिर से डेढ़-दो किलोमीटर ही दूर था पर एक शॉर्टकट की था जो रेलवे लाइन के किनारे किनारे जाता था और करीब 200 मीटर तक रेलवे ट्रैक पर भी चलना पड़ता था।


मुझे याद है कि सर्दियों के दिन थे


दिन जल्दी ढल जाया करता था और मंदिर में शयन आरती के बाद निकलते हुए साढ़े आठ या नौ बज जाया करते थे।


एक दिन मैं शयन आरती के बाद मंदिर से बाहर निकला और क्योंकि मैं अक्सर ही समय बचाने के लिए शॉर्टकट ले लिया करता था तो उस दिन भी मैंने शॉर्टकट लेने का फैसला किया।


उस वक्त मैंने नया-नया MP3 प्लेयर वाला नया मोबाइल फ़ोन लिया था। जो कि उस समय में मोबाइल फोन में नया फीचर माना जाता था। जिसके कारण मुझे फोन पर गाने सुनने का चस्का सा लग गया था। इसी कारण मैं अक्सर ईयर फोन जेब में लेकर ही चलता था और जब मौका मिलता गाने सुनने लगता था।


मंदिर से लौटते वक्त भी मैंने अपनी जेब से ईयर फोन निकाला और मोबाइल से कनेक्ट करके तेज आवाज में गाने सुनने लगा। भूतेश्वर रेलवे स्टेशन से होकर गुजरने वाला वह रास्ता अक्सर उस समय तक सुनसान हो जाया करता था और मैं उस रास्ते पर अपने गानों की धुन में मस्त चला जा रहा था।

और क्योंकि उस रास्ते पर कुछ दूरी तक ट्रैक पर भी चलना पड़ता था तो मैं उस ट्रैक पर चलने लगा। गाने सुनने में मैं इतना मस्त हो चुका था कि मुझे इस बात का भी अहसास नहीं था कि मैं ट्रैक पर चल रहा हूं।


पर तभी अचानक मेरा मोबाइल फोन पता नही कैसे अपने आप ही स्विच ऑफ हो गया। मुझे समझ नहीं आया कि ऐसा क्यों हुआ क्योंकि मोबाइल की बैटरी भी लगभग आधी से ज्यादा थी और क्योंकि मोबाइल भी नया था तो उसमें कोई दिक्कत भी नहीं थी।


मैं अभी इस बारे में सोच ही रहा था कि तभी मुझे पीछे से आती तेज रफ्तार ट्रेन का हॉर्न सुनाई दिया। वह ट्रेन कुछ ज्यादा ही पास आ चुकी थी।


मैं फौरन उस ट्रैक पर से बराबर झाड़ियो में कूद गया। ट्रेन बहुत तेजी के साथ निकल गई शायद वह राजधानी एक्सप्रेस थी। पर अब मुझे इस बात का एहसास हो चुका था कि अगर मेरा मोबाइल सही समय पर स्विच ऑफ ना होता तो उसका क्या अंजाम हो सकता था।


मैं नहीं जानता कि मेरे मोबाइल का स्विच ऑफ होना महज एक इत्तफाक था, कोई टेक्निकल खराबी थी या फिर भगवान ने मेरी रक्षा करी थी । पर उस दिन से मुझे इस बात का पक्का यकीन हो गया कि भगवान श्री कृष्ण सदा मेरे साथ हैं।



इस घटना के बाद मैंने कहीं भी रास्ते में आते-जाते समय ईयर फोन का इस्तेमाल करना बंद कर दिया।


~ राधे राधे

मोक्ष स्थली गया जी

 सनातन धर्म में ये मान्यता है कि श्राद्ध पक्ष में पित्रों के लिए किया गया पिंड दान और तर्पण पित्रों को संतुष्टि मिलती है और इस से पितृ के सा...