दोस्तो नमस्ते, एक बार फिर से आपका स्वागत है मेरे ब्लॉग में...
आज हम गुरु जी के अनुभव आपको बताएंगे! हमारे देश में बहुत से ऋषि मुनि हुए हैं जिन्होने समय समय पर लोगो के दुख तकलीफ का निवारण , अपनी शक्तियो के द्वारा किया है
गुरु जी भी एक ऐसे ही दिव्य पुरुष थे जो समान रूप से लोगो का कल्याण करते थे
आज मैं दिल्ली के रहने वाले दिलीप सिंह के स्वयं सिद्ध अनुभव को आपके साथ साझा कर रहा हूं
दिलीप सिंह जनकपुरी दिल्ली के एक साधरण परिवार में रहते हैं उनका कहना है कि मैं किसी भी गुरु या बाबा को नहीं मानता था परन्तु एक बार घर वालो के साथ मुझे बड़े मंदिर जाने का सौभाग्य मिला !
गुरु जी वहा पर संतरी लिबास में विराजमान थे
मैंने भी वहा जाने पर उनको प्रणाम किया और अपनी तकलीफ दिल में कही भी और अरदास की !...
और उसके बाद में संगत में जा कर वैठ गया !
थोड़ी देर के बाद मुझे गुरु जी ने अपने पास बुलाया और कहा की क्या काम करते हो तो मैंने कहा की एसी रिपेयर की दुकान है तो कहते की इसकी एसी मरम्मत की दुकान है पर काम नहीं है मुझे ये बात अच्छी नहीं लगी की गुरु जी ने मेरा अपमान कर दिया ! पर क्या कर सकता था और ये बात सच भी थी तो मैंने कहा हांजी गुरु जी काम नहीं है जी बिलकुल भी..
मेरे ऐसा कहने पर वो बोले कोई बात नहीं ,7 गुरुबार यहाँ आना सब अच्छा होगा उसके बाद मैं और मेरी पत्नी घर आ गए ! पहला गुरुबार आया मैंने कुछ रुपये निकाले की गुरु जी के मंदिर जाना है स्कूटर में पेट्रोल डलवाने तक के पेसे नहीं होते थे मेरे पास उन दिनो..खैर जैसे तेसे एक गुरुबार हुआ
अब दुसरा गुरुवार आया ,भाई से बाइक मांगी भाई ने कहा कोई बात नहीं ले जा...अगले गुरुबार को फिर वही दिक्कत...की गुरु जी के जाना है पर जाऊ केसे ! मैं अपनी गली में सर पर हाथ रख के बेटा हुआ था की मेरा पड़ौसी आया और बोला की क्या हुआ मैंने कहा की गुरु जी के जाना है पर जाऊ केसे पैसे नहीं है मेरे पास...उसने कहा कोई बात नहीं मेरी बाइक खड़ी है इसे ले जा
ऐसे ऐसे कर के मैंने 6 गुरुबार पूर्ण कर लिए जिस दिन छटा गुरुबार था उस दिन फिर से मुझे फिर से गुरु जी ने बुलाया और कहा की सब ठीक है मैंने कहा की गुरु जी मेहर करो गुरु जी बोले कोई नहीं अभी 7बा गुरुबार रहता है सब अच्छा होगा मैं चुप रहा और प्रणाम कर के घर बापिस आ गया..घर पहूँचा ही था की मुझे इंटरव्यू की कॉल आ गई!मेरी एसी रिपेयर की शॉप है पर वैसे मैंने डिप्लोमा किया था मैकेनिकल में..अगले दिन मैं तैयार हो कर इंटरव्यू में गया मेरा सिलेक्शन हो गया मैं बहुत खुश था ! ऑफर लेटर मिला और मुझे अगले गुरुबार को जॉब ज्वाइन करना था मैंने अपने मन में गुरु जी का बार बार शुक्राना किया एक बात जो मुझे पूरी तरह से आश्चर्य चकित कर रही थी की दस लड़कों में सिर्फ मेरा चयन हुआ केसे मुझे नहीं पता ,पर यकिनन ये सब गुरु जी की मैहर थी अगले गुरुबार को मैं समय पर कंपनी मे पंहुच गया और जॉब ज्वाइन कर ली !
जॉब ज्वाइन करते ही मुझे मेरे बॉस ने एक परची दी और कहा की ये पेट्रोल की पर्ची है अपनी बाइक की टंकी फुल करबा लो पेमेंट ऑफिस से हो जाएगी !आप यकिन मनिये संगत जी ,मेरी आंखो में आंसु आ गए की जिस पेट्रोल के लिए में लोगो से बाइक मांगता था की मुझे गुरु जी के पास जाना है गुरु जी ने सबसे पहले मेरी पेट्रोल की समस्या दूर की...जय गुरु जी की, शुक्राना गुरु जी, गुरु जी सब कुछ जानते हैं वो कहते हैं ना, की बिन बोले सब कुछ जानते हैं !
मेरी एक और समस्या थी पाइल्स की वैसे तो बहुत से लोगो को ये समस्या होती है पर इसका दर्द वही समझ सकता है जो समस्या से जुझ रहा हो बहुत तकलीफ में था मैं..मेरी पत्नी ने कहा आप गुरु जी को अरदास करो वही एक है जो सब ठीक करेंगे !मैने गुरु जी को अरदास करी ! अगली बार फिर से गुरु जी के पास गए क्यों की गुरु जी का शुक्राना भी तो करना था बड़े मंदिर पहुचते ही गुरु जी ने कहा क्यों लग गई नौकरी मैंने कहा जी गुरु जी तो, मुझे कहते हैं आते रहना यहाँ पर..मैंने और मेरी पत्नी ने लंगर किया और अभी लंगर हाल में ही मौजुद थे की इतने में एक अंकल आए और बोले ये लो आपका परशादा ,खा लिजिये मैंने कहा मैंने लंगर कर लिया है अंकल ...तो कहते हैं गुरु जी ने आपके लिए भेजा है आपका आशीर्वाद है..लीजिये ,मैने परशादा ले लिया !
परशादे में दो रोटी और लाल मिर्चो की चटनी थी !अब मैं क्या करू.. मुझे तो बवासीर थी और बवासीर वाले आदमी के लिए मिर्च जहर की तरह होती है फिर भी मैं खा गया..थोड़ी देर के बाद मेरी पत्नी आई तो मैंने उसे बताया की ऐसे मैंने मिर्ची वाला परशादा खा लिया वो बोली आपने खा लिया ,मैंने बोला हा खा लिया गुरु जी ने भेजा था तो ना कैसे करता..वो कहती अब..मैंने कहा चल अब देखते हैं..संगत जी मेरा घर बड़े मंदिर से 30 - 32 किमी दूर है
मैं ये सोच रहा था की अब बाइक केसे चला सकुंगा ! अच्छा जी, मैं अपने घर पहुच गया कोई समस्या नहीं हुई ! रात में सो गया अगला दिन आ गया कोई समस्या नहीं..
मुझे डॉक्टर ने पाइल्स का ऑपरेशन बताया था , सो मुझे उसके पास जाना ही था, तो मैं उसके पास गया डॉक्टर ने चेक किया और कहा बहुत अच्छा..आपकी समस्या अब नहीं है ऑपरेशन करबाने की जरूरत नहीं है..देखा मेरी दवा का कमाल..मैंने कहा हांजी डॉक्टर साहब , पर मुझे तो पता था की असली डॉक्टर कौन है..ऐसे है गुरु जी, उनके कृपा करने के तरीके बहुत हैं वैसे भी जब गुरु जी भौतिक रूप में थे तो कहा करते थे कि क्यों कर दी मैंने डॉक्टर की डॉक्टरी फेल..
ऐसी जाने कितनी कृपा गुरु जी ने हमारे परिवार पर की है ,ऐसे ही वो हम सब पर अपनी मेहर बनाये रखे !